Shawwick used to order drugs And pay through Google Pay, Says NCB|शोविक ड्रग्स के ऑर्डर देता था, गूगल पे से करता था भुगतान: NCB

मुंबई: रिया चक्रवर्ती के भाई शोविक चक्रवर्ती ने ड्रग पेडलर अब्दुल बासित परिहार से गांजा खरीदने पर उसे गूगल पे अकाउंट के जरिए भुगतान करने की बात कही है. मुंबई की एक अदालत में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा किए गए नए खुलासे में इस बात का पता चला है.  बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग एंगल की जांच शुरू करने के बाद परिहार को अदालत के समक्ष पेश किया गया था.

अदालत ने परिहार को नौ सितंबर तक एनसीबी की हिरासत में भेज दिया है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बाद सुशांत की मौत की जांच में शामिल होने वाली एनसीबी तीसरी केंद्रीय एजेंसी है.

एनसीबी अधिकारियों के अनुसार, ड्रग-पेडलर जैद विलात्रा ने एजेंसी को दिए अपने बयान में खुलासा किया था कि परिहार उसके पास से गांजा या मारिजुआना का रिसीवर हुआ करता था.  जैद को भी हाल ही में गिरफ्तार भी किया गया है.

एनसीबी ने कहा, परिहार ने अपने बयान में खुलासा किया कि, वह विलात्रा से ड्रग्स मंगवाता था और फरार आरोपी कैजान इब्राहिम, शोविक के निर्देशों के अनुसार, बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के घर के मैनेजर सैमुअल मिरांडा के पास भेज रहा था.

एनसीबी ने कहा कि ऐसे और भी उदाहरण हैं जहां परिहार ने ड्रग्स की डिलीवरी की सुविधा दी और वह शोविक के संपर्क में था.  एनसीबी ने दावा किया कि, परिहार को ड्रग्स के लिए भुगतान गूगल पे अकाउंट के जरिए किया गया था.

एनसीबी ने यह भी कहा कि, एजेंसी द्वारा एकत्र किए गए बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से यह स्पष्ट है कि, परिहार हाई-प्रोफाइल लोगों से जुड़े ड्रग सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य है.

परिहार को एनसीबी ने गुरुवार शाम को गिरफ्तार किया, जबकि विलात्रा को बुधवार को गिरफ्तार किया गया था और अब उसे नौ सितंबर तक एजेंसी की हिरासत में भेज दिया गया है.

एनसीबी द्वारा यहां अपने कार्यालय में शोविक और मिरांडा से पूछताछ की जा रही है.  सुबह में एनसीबी के अधिकारियों ने दोनों के आवासीय परिसर में शुक्रवार सुबह भी तलाशी ली और शोविक का लैपटॉप और मोबाइल फोन भी ले लिया.

एनसीबी ने 26 अगस्त को ईडी के कहने पर एक मामला दर्ज किया था.  सुशांत मामले की जांच के दौरान ड्रग्स एंगल सामने आने के बाद ईडी ने एनसीबी को जांच करने को कहा.

इसके बाद 27-28 अगस्त की रात को एजेंसी ने मुंबई में तलाशी ली और अब्बास लखानी और करण अरोड़ा को गिरफ्तार किया, जिनके कब्जे से ‘बड्स’ (मारिजुआना का एक रूप) जब्त किया गया.

 

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