Mirzapur makers Farhan Akhtar Ritesh Sidhwani will not be arrested | Mirzapur के मेकर्स को कोर्ट से मिली राहत, हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई

नई दिल्ली: ‘मिर्जापुर’ (Mirzapur) वेब सीरीज के मेकर्स फरहान अख्तर (Farhan Akhtar) और रितेश सिधवानी (Ritesh Sidhwani) को बड़ी राहत देते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले में आज सुवनाई के बाद इन दोनों प्रोड्यूसर्स की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए इस बारे में एफआईआर दर्ज करने वाली पार्टी और राज्य सरकार से जवाब मांगा है.

मिर्जापुर के खिलाफ दर्ज हुई FIR  

17 जनवरी को मिर्जापुर (Mirzapur) में इस वेब सीरीज के खिलाफ एक FIR दर्ज कराई गई थी. जिसके बाद पुलिस हरकत में आ गई थी और इस मामले की जांच शुरू करने के लिए मुंबई रवाना हो गई थी. हाई कोर्ट में ये अर्जी इस एफआईआर को रद्द कराने के लिए दाखिल की गई थी. जिस पर आज हाई कोर्ट ने सुनवाई की थी. इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के एक वकील द्वारा दायर याचिका पर एक नोटिस जारी किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि शो ‘मिर्जापुर’ (Mirzapur) शहर की छवि को खराब कर रहा है. अमेजॉन प्राइम वीडियो को भी नोटिस जारी किया गया था.

‘तांडव’ सीरीज के बाद मचा बवाल

देशभर में ‘तांडव’ सीरीज को लेकर बवाल मचा, तो ‘मिर्जापुर’ (Mirzapur) सीरीज को लेकर भी केस दर्ज करवा दिया गया. यह शिकायत उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में दर्ज करवाई गई है. जानकारी के अनुसार, देहात कोतवाली थाने की तीन सदस्यीय टीम मुंबई रवाना हुई थी. देहात कोतवाली में पत्रकार अरविंद चतुर्वेदी की शिकायत पर मिर्जापुर वेब सीरीज को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया था. ‘मिर्जापुर’ सीरीज पर भी ‘तांडव’ की तरह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा है. 

अनुप्रिया पटेल ने भी की थी शिकायत

इससे पहले जब यह सीरीज रिलीज हुई थी तब उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की सांसद अनुप्रिया पटेल (Anupriya Patel) ने इस पर सेंसरशिप लगाने की मांग की थी. उनका कहना था कि सीरीज के जरिए मिर्जापुर की छवि खराब हो रही है. मेकर्स ने शहर की छवि गलत दिखाई है. अनुप्रिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करते हुए मिर्जापुर सीरीज पर बैन लगाने की मांग की थी.