Kangana Ranaut appealed, ‘don’t immerse my ashes in River Ganga’ in new poem: Watch | Kangana Ranaut ने जताई ख्वाहिश- ‘गंगा में ना बहाएं मेरी राख…’, देखें VIDEO

नई दिल्ली: कंगना रनौत (Kangana Ranaut) इन दिनों अपने अभिनय के साथ-साथ बेबाकी के लिए भी मशहूर हो चुकी हैं. लेकिन इसके साथ ही उनकी एक और खूबी इन दिनों लोगों को लुभा रही है. वह खूबी है उनकीं कविताएं, जी हां! बीते दिनों कंगना रनौत (Kangana Ranaut)  ने ‘आसमान’ कविता से जमकर वाहवाही पाई थीं वहीं अब उनकी एक नई कविता का वीडियो जमकर चर्चा में है. 

इस कविता में कंगना रनौत (Kangana Ranaut)  ने अपनी आखिरी इच्छा जताई है. साथ ही बताया है कि वह क्यों नहीं चाहतीं कि उनकी राख गंगा में बहाई जाए. इस कविता का टाइटल भले ही ‘राख’ है लेकिन बात इसमें भी कहीं न कहीं उन्होंने आसमान छूने की ख्वाहिश जताई है. देखिए ये वीडियो…

ये हैं कविता के बोल 

‘मेरी राख को गंगा मैं मत बहाना
हर नदी सागर में जाके मिलती है 
मुझे सागर की गहराइयों से डर लगता है
मैं आसमान को छूना चाहती हूं 
पहाड़ों पर मेरी राख को बिखेर देना
जब सूरज उगे, तो मैं उसे छू सकूं 
जब मैं तन्हा हूं, तो चांद से बातें करूं
मेरी राख को उस क्षितिज पे छोड़ देना’

हाल ही में कंगना रनौत (Kangana Ranaut) अपनी नई भाभी और रंगोली के साथ हाल ही में हाइकिंग पर गई थीं. उसी दौरान कंगना के मन में ये विचार आए और उन्होंने ये कविता लिखी है. वीडियो में भी कंगना की तस्वीरों के जरिए पहाड़ों के नजारे देखे जा सकते हैं.

वर्क फ्रंट पर बात करें तो कंगना फिल्म ‘थलाइवी’ की शूटिंग पूरी कर चुकी हैं. वहीं फिल्म ‘धाकड़’ और ‘तेजस’ की तैयारियां भी चल रही हैं.

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