Sonu Sood gets relief from Bombay high court on bmc residential building case | बॉम्बे हाई कोर्ट ने दी Sonu Sood को राहत, BMC नहीं चला पाएगी बिल्डिंग पर हथौड़ा

नई दिल्ली: मजदूरों के मसीहा के नाम से मशहूर बॉलीवुड के अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) इन दिनों बीएमसी (BMC) के निशाने पर हैं. बीते साल 2020 में बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी BMC ने सोनू सूद (Sonu Sood) को उनकी रिहायशी बिल्डिंग को लेकर नोटिस जारी किया गया था. जिसे लेकर सोनू ने कोर्ट में अर्जी डाली थी. अब खबर आई है कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) को 13 जनवरी तक अंतरिम राहत दी है. 

बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा दी गई यह अंतरिम राहत सूद की बिल्डिंग पर BMC की ओर से कार्रवाई को लेकर दी गई है. इस राहत के आदेश के बाद अब बीएमसी 13 जनवरी तक सोनू सूद (Sonu Sood) की बिल्डिंग पर हथौड़ा नहीं चला सकेगी. दरअसल BMC का नोटिस पाते ही सोनू ने कोर्ट में गुहार लगाई थी. 

पहले सोनू सूद (Sonu Sood) की अर्जी को दिंडोशी सिटी सिविल कोर्ट ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था. इसके बाद सोनू सूद ने इस फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. 

आपको बता दें कि बीएमसी ने सोनू सूद (Sonu Sood) की इस बिल्डिंग को लेकर एक नहीं बल्कि दो नोटिस जारी किए थे. जिसमें से एक नोटिस इस बिल्डिंग के अवैध निर्माण को लेकर था और दूसरे नोटिस में बिल्डिंग के ‘इस्तेमाल का मकसद’ (चेंज ऑफ यूजर)  बदलने को लेकर था. जिसका मतलब है कि यह बिल्डिंग व्यवसाय के लिए नहीं है इसे सिर्फ रिहायशी तौर पर यूज किया जा सकता है.

क्या बोले BMC के वकील 

आजतक की खबर के अनुसार BMC के वकील अनिल साखरे ने अपनी दलील में कहा था, ‘निचली अदालत ने नोटिस के खिलाफ सोनू सूद की अर्जी खारिज करते हुए हाईकोर्ट तक जाने के लिए तीन हफ्ते का वक्त दिया था. ये वक्त शनिवार को खत्म हो गया. आखिरी मिनट में कोर्ट में पहुंच कर राहत मांगी गई.’ इसके अलावा अपनी दलील में वकील साखरे ने यह भी बताया था कि बीएमसी को ठीक से नोटिस भी तामील नहीं कराया गया. साखरे ने कहा, ‘शनिवार, रविवार को म्युनिसिपल दफ्तर बंद होते हैं. अखबारों और टेलीविजन के जरिए हमें पता चला कि मामले पर आज (सोमवार) को सुनवाई होनी है.’ 

सोनू के वकील ने दी ये दलील 

इस मामले में सोनू का पक्ष रखने वाले वकील अमोघ सिंह ने BMC की ओर से हथौड़ा चलाने की कार्रवाई को रोकने की गुहार लगाते हुए संरक्षण मांगा है. वकील के अनुसार एक्स-फेसी (त्रुटि वाला) आदेश अवैध है. दलील में अमोघ सिंह ने कहा, ‘बीएमसी की ओर से नोटिस जारी किया गया और हमने उसका जवाब दिया. इसके लिए कोई स्पीकिंग ऑर्डर नहीं है और निचली अदालत ने कहा कि स्पीकिंग ऑर्डर की जरूरत नहीं है. जबकि कोर्ट के ऐसे कई ऑर्डर हैं जिनमें कहा गया है कि ये ऑर्डर होना चाहिए.’ 

सोनू सूद पहले ही दे चुके हैं आवेदन 

अमोघ सिंह ने यहां बताया कि BMC को पहले भी इस मामले में सोनू सूद आवेदन दे चुके हैं. उन्होंने कहा, ‘साल 2018 में सूद ने बीएमसी को ‘चेंज ऑफर यूजर’ के लिए आवेदन दिया था जो कि अब तक लंबित है. उन्होंने उस पर कोई आदेश नहीं दिया और इस बीच हमें नोटिस भेजना शुरू कर दिया. जब तक ये आवेदन लंबित है वो कार्रवाई नहीं कर सकते.’   

रिहायशी बिल्डिंग में होटल चलाते हैं सोनू: BMC

BMC के वकील ने यहां बताया कि सोनू सूद रिहायशी बिल्डिंग में होटल चलाते हैं. उन्होंने कहा, ‘सोनू सूद ने छह मंजिला रिहाइशी बिल्डिंग को होटल में बदल दिया. होटल को चलाने का कोई लाइसेंस नहीं है. बिल्डिंग में 24 कमरे हैं. फ्लैट्स को होटल रूम्स में बदल दिया गया है. ऐसे ऐप्स हैं जो मुंबई में होटलों की लिस्ट दिखाते हैं, जिनमें सूद का होटल भी शामिल है.’ 

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